SLR राइफल में 16 से भी अधिक भाग होते हैं। प्रशिक्षण और आर्मरर स्तर पर इसके 50+ भागों के नाम पढ़ाए जाते हैं। कुछ अतिरिक्त महत्वपूर्ण भाग:

 SLR (Self-Loading Rifle) के इन सभी 50 महत्वपूर्ण भागों को विस्तार से समझना राइफल की कार्यप्रणाली (Working Mechanism) को जानने के लिए बहुत जरूरी है।




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## 1. बैरल (Barrel)

* **कहाँ रहता है:** यह राइफल के अगले हिस्से में लगी एक लंबी लोहे की नली होती है।

* **काम:** गोली (Bullet) इसी नली के अंदर से होकर बाहर निकलती है। इसके अंदर घुमावदार धारियां (Rifling) होती हैं जो गोली को स्पिन (चक्कर) देती हैं ताकि वह सटीक निशाने पर जाए।

## 2. फ्लैश हाइडर (Flash Hider)

* **कहाँ रहता है:** यह बैरल के बिल्कुल आगे (मुहाने या मजल) पर लगा होता है।

* **काम:** गोली चलते समय जो आग की लपट (Flash) निकलती है, यह उसे छुपाता है/कम करता है ताकि रात में दुश्मन को शूटर की लोकेशन का पता न चले।


## 3. फ्रंट साइट ब्लेड (Front Sight Blade)

* **कहाँ रहता है:** बैरल के आगे ऊपरी हिस्से पर एक छोटी सी नोक या पत्ती के रूप में होता है।

* **काम:** निशाना लगाने के लिए इस ब्लेड को रियर साइट (पीछे के सुराख) और टारगेट के साथ एक लाइन में मिलाया जाता है।


## 4. फ्रंट साइट प्रोटेक्टर (Front Sight Protector)

* **कहाँ रहता है:** यह फ्रंट साइट ब्लेड के दोनों तरफ कान की तरह उठी हुई लोहे की दीवार होती है।

* **काम:** यह नाजुक फ्रंट साइट ब्लेड को किसी झटके या गिरने पर टूटने/मुड़ने से बचाता है।


## 5. गैस ब्लॉक (Gas Block)

* **कहाँ रहता है:** बैरल के ऊपर, हैंडगार्ड के ठीक आगे लगा होता है।

* **काम:** गोली चलने के बाद बैरल से निकलने वाली बारूद की गैस को गैस ट्यूब की तरफ भेजने का रास्ता देता है।


## 6. गैस प्लग (Gas Plug)

* **कहाँ रहता है:** यह गैस ब्लॉक के बिल्कुल आगे फिट रहता है, जिसे घुमाया जा सकता है।

* **काम:** इसे घुमाकर गैस के रास्ते को खोला या पूरी तरह बंद किया जा सकता है (जैसे ग्रेनेड फायर करते समय इसे बंद कर दिया जाता है)।


## 7. गैस रेगुलेटर (Gas Regulator)

* **कहाँ रहता है:** गैस ब्लॉक के ठीक पीछे एक चूड़ीदार रिंग (Collar) होती है।

* **काम:** यह राइफल में गैस के प्रेशर को कंट्रोल करता है। अगर राइफल में कार्बन जमा हो जाए, तो इसे एडजस्ट करके गैस का प्रेशर बढ़ाया जा सकता है।


## 8. गैस पिस्टन (Gas Piston)

* **कहाँ रहता है:** यह गैस ट्यूब के अंदर रहने वाली एक लंबी लोहे की रॉड होती है।

* **काम:** बैरल से आने वाली गैस का प्रेशर इस पिस्टन पर पड़ता है, जिससे यह पीछे की तरफ धक्का खाता है और बोल्ट कैरियर को पीछे धकेलता है।


## 9. हैंडगार्ड ऊपरी (Handguard Upper)

* **कहाँ रहता है:** बैरल और गैस ट्यूब के ऊपर का सुरक्षा कवच।

* **काम:** गोली चलने पर बैरल बहुत गर्म हो जाती है। यह शूटर के हाथ को जलने से बचाता है और राइफल पकड़ने में मदद करता है।


## 10. हैंडगार्ड निचला (Handguard Lower)

* **कहाँ रहता है:** बैरल के नीचे का हिस्सा।

* **काम:** ऊपरी हैंडगार्ड के साथ मिलकर बैरल को पूरी तरह ढकता है ताकि राइफल को नीचे से आसानी से थामा जा सके।


## 11. रियर साइट (Rear Sight)

* **कहाँ रहता है:** राइफल के ऊपरी रिसीवर (Body) के पिछले हिस्से पर, शूटर की आंख के पास।

* **काम:** इसमें एक छोटा सुराख (Aperture) होता है, जिससे होकर सामने की फ्रंट साइट को देखा जाता है और निशाना साधा जाता है।


## 12. रियर साइट स्लाइड (Rear Sight Slide)

* **कहाँ रहता है:** रियर साइट के ऊपर एक सरकने वाला छोटा पुर्जा होता है।

* **काम:** इसके जरिए दूरी (Range) के हिसाब से (जैसे 200, 300, 400 मीटर) रियर साइट को ऊपर या नीचे एडजस्ट किया जाता है।


## 13. रिसीवर (Receiver)

* **कहाँ रहता है:** यह राइफल की मुख्य बॉडी (ढांचा) है जो बीच में होती है।

* **काम:** राइफल के लगभग सभी मुख्य पुर्जे (बोल्ट, ट्रिगर, मैगजीन) इसी के अंदर या इसके साथ जुड़े होते हैं।


## 14. डस्ट कवर (Dust Cover)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के बिल्कुल ऊपर लगी एक पतली लोहे की चादर (ढक्कन)।

* **काम:** यह राइफल के अंदरूनी पुर्जों (बोल्ट, स्प्रिंग) को धूल, मिट्टी और पानी से बचाता है।


## 15. बोल्ट (Bolt)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के अंदर, बोल्ट कैरियर के नीचे फिट रहता है।

* **काम:** यह मैगजीन से राउंड (गोली) को उठाकर चैंबर में लोड करता है और फायर के वक्त चैंबर को पीछे से मजबूती से बंद रखता है।


## 16. बोल्ट कैरियर (Bolt Carrier)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के अंदर, डस्ट कवर के ठीक नीचे।

* **काम:** यह बोल्ट को अपने साथ समेटे रहता है। गैस पिस्टन से धक्का मिलने पर यह पीछे आता है और बोल्ट को अनलॉक करके पीछे ले जाता है।


## 17. फायरिंग पिन (Firing Pin)

* **कहाँ रहता है:** यह बोल्ट के बिल्कुल बीचों-बीच (अंदर) स्थित एक तीखी पिन होती है।

* **काम:** जब हैमर इस पर चोट करता है, तो यह आगे बढ़कर गोली के पिछले हिस्से (Primer) पर टकराती है, जिससे गोली चलती है।


## 18. एक्सट्रैक्टर (Extractor)

* **कहाँ रहता है:** यह बोल्ट के आगे के हिस्से (Bolt Face) पर लगा एक छोटा हुक (नख) होता है।

* **काम:** गोली चलने के बाद, यह खाली खोके (Case) के पिछले हिस्से को पकड़कर चैंबर से बाहर खींचता है।


## 19. इजेक्टर (Ejector)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के अंदरूनी हिस्से में एक उभरा हुआ दांते जैसा भाग।

* **काम:** जब एक्सट्रैक्टर खाली खोके को पीछे खींचता है, तो खोका इस इजेक्टर से टकराकर राइफल से बाहर (Eject) गिर जाता है।


## 20. रिटर्न स्प्रिंग (Return Spring)

* **कहाँ रहता है:** यह बट (बट स्टॉक) के अंदर या बोल्ट के पीछे की ट्यूब में होता है।

* **काम:** बोल्ट के पीछे जाने के बाद, यह स्प्रिंग बोल्ट और कैरियर को वापस आगे की तरफ धकेलती है ताकि अगली गोली लोड हो सके।


## 21. चार्जिंग हैंडल (Charging Handle)

* **कहाँ रहता है:** राइफल की बॉडी (रिसीवर) के बाईं (Left) तरफ बाहर निकला हुआ एक हैंडल।

* **काम:** पहली गोली लोड करने के लिए शूटर इसे हाथ से पीछे खींचता है, जिससे बोल्ट पीछे आता है और राइफल कॉक होती है।


## 22. लॉकिंग शोल्डर (Locking Shoulder)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के अंदर एक छोटा, मजबूत स्टील का ब्लॉक।

* **काम:** जब बोल्ट आगे जाकर लॉक होता है, तो वह इसी लॉकिंग शोल्डर पर टिकता है ताकि फायर के समय गैस का भारी दबाव पीछे न आ सके।


## 23. मैगजीन (Magazine)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के नीचे बने मैगजीन वेल (खांचे) में फिट होती है।

* **काम:** इसमें गोलियां (SLR में आमतौर पर 20 राउंड) भरकर रखी जाती हैं।


## 24. मैगजीन बॉडी (Magazine Body)

* **कहाँ रहता है:** मैगजीन का बाहरी डिब्बा या बॉक्स।

* **काम:** यह सभी अंदरूनी पुर्जों (स्प्रिंग, गोलियों) को सुरक्षित और व्यवस्थित रखता है।


## 25. मैगजीन स्प्रिंग (Magazine Spring)

* **कहाँ रहता है:** मैगजीन बॉडी के बिल्कुल अंदर नीचे की तरफ।

* **काम:** यह नीचे से गोलियों को ऊपर की तरफ लगातार प्रेशर देती है ताकि बोल्ट आसानी से गोली को चैंबर में ले जा सके।


## 26. फॉलोअर (Follower)

* **कहाँ रहता है:** मैगजीन के अंदर स्प्रिंग के ठीक ऊपर लगी एक धातु/प्लास्टिक की प्लेट।

* **काम:** गोलियां इसी प्लेट के ऊपर बैठती हैं। स्प्रिंग इसी फॉलोअर को ऊपर धक्का देती है।


## 27. मैगजीन कैच (Magazine Catch)

* **कहाँ रहता है:** मैगजीन जहां लोड होती है, उसके ठीक पीछे लगा एक छोटा लीवर।

* **काम:** इसे दबाने पर मैगजीन राइफल से अनलॉक होकर बाहर निकल आती है। यह मैगजीन को अपनी जगह लॉक रखता है।


## 28. ट्रिगर (Trigger)

* **कहाँ रहता है:** पिस्टल ग्रिप के आगे, उंगली से दबाने वाला लीवर।

* **काम:** इसे उंगली से पीछे खींचने पर राइफल से फायर होता है।


## 29. ट्रिगर गार्ड (Trigger Guard)

* **कहाँ रहता है:** ट्रिगर के चारों तरफ बना लोहे का एक घेरा (लूप)।

* **काम:** यह ट्रिगर की रक्षा करता है ताकि झाड़ियों या किसी चीज से टकराकर गलती से ट्रिगर न दब जाए (मिसफायर से बचाव)।


## 30. ट्रिगर स्प्रिंग (Trigger Spring)

* **कहाँ रहता है:** ट्रिगर मैकेनिज्म के अंदर छिपा होता है।

* **काम:** ट्रिगर दबाने के बाद, उसे वापस अपनी पुरानी आगे वाली स्थिति में लाता है।


## 31. हैमर (Hammer)

* **कहाँ रहता है:** लोअर रिसीवर के अंदर, ट्रिगर के ठीक पीछे।

* **काम:** ट्रिगर दबाने पर यह हथौड़े की तरह तेजी से आगे बढ़कर फायरिंग पिन पर चोट (Strike) करता है।


## 32. हैमर स्प्रिंग (Hammer Spring)

* **कहाँ रहता है:** हैमर के ठीक पीछे या नीचे जुड़ा होता है।

* **काम:** यह हैमर को तेजी से आगे की तरफ घूमने के लिए भारी ताकत (Tension) देता है।


## 33. सीयर (Sear)

* **कहाँ रहता है:** ट्रिगर और हैमर के बीच का एक छोटा सा लॉकिंग पुर्जा।

* **काम:** जब राइफल कॉक होती है, तो यह हैमर को पीछे ही रोके रखता है। ट्रिगर दबाने पर यही सीयर हैमर को आजाद करता है।


## 34. सेफ्टी कैच / चेंज लीवर (Safety Catch)

* **कहाँ रहता है:** पिस्टल ग्रिप के ठीक ऊपर, अंगूठे के पास लगा एक लीवर।

* **काम:** राइफल को 'Safe' (लॉक) या 'Rep' (फायर मोड) पर सेट करने के काम आता है ताकि अनजाने में फायर न हो।


## 35. पिस्टल ग्रिप (Pistol Grip)

* **कहाँ रहता है:** ट्रिगर के ठीक पीछे, हैंडल की तरह दिखने वाला हिस्सा जिसे दाहिने हाथ से पकड़ा जाता है।

* **काम:** यह शूटर को राइफल पर मजबूत पकड़ और ट्रिगर दबाने के लिए सही पोजीशन देता है।


## 36. ग्रिप स्क्रू (Grip Screw)

* **कहाँ रहता है:** पिस्टल ग्रिप के बिल्कुल नीचे अंदर की तरफ।

* **काम:** यह पिस्टल ग्रिप को राइफल की मुख्य बॉडी (लोअर रिसीवर) के साथ कसकर जोड़कर रखता है।


## 37. बट स्टॉक (Butt Stock)

* **कहाँ रहता है:** राइफल का सबसे पिछला हिस्सा जो लकड़ी या मजबूत प्लास्टिक का बना होता है।

* **काम:** इसे कंधे से सटाकर निशाना लगाया जाता है। यह फायर के दौरान लगने वाले झटके (Recoil) को कंधे पर झेलता है।


## 38. बट प्लेट (Butt Plate)

* **कहाँ रहता है:** बट स्टॉक के बिल्कुल आखिरी छोर पर लगी लोहे या रबर की प्लेट।

* **काम:** यह बट को पीछे से सुरक्षा देती है और कंधे पर राइफल को फिसलने से रोकती है।


## 39. बट ट्रैप (Butt Trap)

* **कहाँ रहता है:** बट प्लेट के बीच में एक छोटा खुलने वाला ढक्कन (खिड़की)।

* **काम:** इसके अंदर एक खाली जगह होती है, जिसमें राइफल साफ करने की 'क्लीनिंग किट' (तेल की कुप्पी और चिंदी) रखी जाती है।


## 40. स्लिंग स्विवल फ्रंट (Sling Swivel - Front)

* **कहाँ रहता है:** बैरल या गैस ब्लॉक के पास लगा एक लोहे का छल्ला (कड़ा)।

* **काम:** राइफल के पट्टे (Sling) के अगले हिस्से को बांधने के काम आता है।


## 41. स्लिंग स्विवल रियर (Sling Swivel - Rear)

* **कहाँ रहता है:** बट स्टॉक के नीचे पिछले हिस्से में लगा लोहे का छल्ला।

* **काम:** राइफल के पट्टे (Sling) के पिछले हिस्से को यहाँ बांधा जाता है, जिससे राइफल कंधे पर टांगी जा सके।


## 42. टेकडाउन लीवर (Takedown Lever) / बॉडी लॉकिंग लीवर

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के बाईं तरफ, बट स्टॉक के पास लगा एक लीवर।

* **काम:** राइफल को सफाई के लिए दो भागों (अपर और लोअर रिसीवर) में खोलने (Break open) के लिए इसे दबाया या घुमाया जाता है।


## 43. बॉडी लॉकिंग प्लंजर / लीवर (Body Locking Lever)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर के जोड़ के पास अंदरूनी हिस्सा।

* **काम:** यह अपर और लोअर रिसीवर को आपस में मजबूती से लॉक रखता है ताकि फायरिंग के वक्त राइफल बीच से खुले नहीं।


## 44. कॉकिंग स्लाइड (Cocking Slide)

* **कहाँ रहता है:** चार्जिंग हैंडल जिस पटरी (स्लॉट) पर आगे-पीछे सरकता है।

* **काम:** यह चार्जिंग हैंडल को सीधा और सही दिशा में आगे-पीछे होने का रास्ता देती है।


## 45. रीकॉइल स्प्रिंग ट्यूब (Recoil Spring Tube)

* **कहाँ रहता है:** यह बट स्टॉक के अंदर फिट एक लंबी खोखली नली होती है।

* **काम:** रिटर्न स्प्रिंग (रीकॉइल स्प्रिंग) इसी ट्यूब के अंदर सुरक्षित रहती है और आगे-पीछे काम करती है।


## 46. रीकॉइल स्प्रिंग (Recoil Spring)

* **कहाँ रहता है:** रीकॉइल स्प्रिंग ट्यूब के अंदर (इसे रिटर्न स्प्रिंग भी कहा जाता है)।

* **काम:** बोल्ट के पीछे आने पर यह दब जाती है और अपनी ताकत से बोल्ट को दोबारा आगे भेजकर नया राउंड लोड करवाती है।


## 47. लोअर रिसीवर (Lower Receiver)

* **कहाँ रहता है:** राइफल के बीच का निचला हिस्सा जिसमें ट्रिगर, पिस्टल ग्रिप और बट जुड़े होते हैं।

* **काम:** यह राइफल के पूरे 'फायर कंट्रोल ग्रुप' (ट्रिगर, हैमर, सीयर) को संभालकर रखता है।


## 48. अपर रिसीवर (Upper Receiver)

* **कहाँ रहता है:** राइफल के बीच का ऊपरी हिस्सा जिसमें बैरल, गैस सिस्टम और बोल्ट कैरियर फिट होते हैं।

* **काम:** यह राइफल का मुख्य वर्किंग चैंबर है जहां गोली लोड होती है और गैस प्रेशर काम करता है।


## 49. साइट एडजस्टमेंट स्क्रू (Sight Adjustment Screw)

* **कहाँ रहता है:** फ्रंट साइट या रियर साइट के बेस (जड़) में छोटे पेंच।

* **काम:** राइफल की 'जीरोइंग' (सटीकता सेटिंग) करने के लिए साइट को दाएं-बाएं या ऊपर-नीचे खिसकाने के काम आता है।


## 50. हैंडगार्ड रिंग (Handguard Ring)

* **कहाँ रहता है:** रिसीवर और हैंडगार्ड के जोड़ पर लगी एक गोल धातु की रिंग।

* **काम:** यह ऊपरी और निचले हैंडगार्ड के पिछले हिस्से को रिसीवर के साथ मजबूती से जकड़कर अपनी जगह पर फिक्स रखती है।